By Malay Ojha | Published: 03 October 2026 | 06:20 AM
भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG अब दुनिया की सबसे ज्यादा उम्मीदवारों वाली परीक्षाओं में पांचवें स्थान पर है। SBI Research की नई रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं। रिपोर्ट में दुनिया की बड़ी परीक्षाओं की तुलना करते हुए भारत की परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर भी चर्चा की गई है।
उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से चीन की Gaokao सबसे आगे है। 2026 में इसमें करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद ब्राजील की ENEM में करीब 48 लाख, चीन की Guokao सिविल सर्विस परीक्षा में करीब 37 लाख और चीन की National Master’s Entrance Examination में करीब 34 लाख उम्मीदवार रहे। करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ NEET UG पांचवें स्थान पर है।
भारत में NEET के बाद कौन सी बड़ी परीक्षा?
भारत की प्रमुख परीक्षाओं में भी उम्मीदवारों की संख्या काफी बड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार NEET UG में करीब 25 लाख, UPSC Civil Services Examination में लगभग 12 लाख, JEE Main में करीब 10 लाख और UGC NET में करीब 8 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। NEET UG मेडिकल शिक्षा, JEE Main इंजीनियरिंग और UPSC CSE सिविल सेवाओं में प्रवेश या भर्ती से जुड़ी प्रमुख परीक्षाएं हैं।
चीन की परीक्षा व्यवस्था से क्या सीख?
SBI Research ने चीन की Gaokao की परीक्षा व्यवस्था का भी उदाहरण दिया है। 2026 में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों के लिए 7,981 परीक्षा केंद्र, 3.48 लाख एग्जामिनेशन रूम और 21,000 रिजर्व रूम की व्यवस्था की गई थी। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी विशेष सुविधाएं रखी गईं।
पेपर से लेकर सेंटर तक कड़ी सुरक्षा
रिपोर्ट में Gaokao की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए सिक्योर प्रिंटिंग, 24 घंटे निगरानी, GPS से ट्रैक किए जाने वाले वाहनों में प्रश्नपत्रों की ढुलाई, पुलिस सुरक्षा और निगरानी वाले स्टोरेज का उल्लेख किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर पहचान की जांच और प्रतिबंधित सामान की चेकिंग के साथ ट्रैफिक, शोर, स्वास्थ्य और मौसम जैसी स्थितियों के लिए भी पहले से तैयारी की जाती है।
NTA के ढांचे पर भी सवाल
रिपोर्ट में भारत की National Testing Agency (NTA) की मौजूदा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई है। SBI Research के मुताबिक जुलाई 2024 तक NTA 240 से ज्यादा परीक्षाएं करा चुका था, जिनमें 5.4 करोड़ से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उपलब्ध आंकड़ों में 194 कर्मचारियों में से 171 कॉन्ट्रैक्चुअल या आउटसोर्स स्टाफ थे।
NTA के लिए अलग कानून का सुझाव
SBI Research ने NTA को ज्यादा मजबूत कानूनी आधार देने के लिए संसद के जरिए NTA Act बनाने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों की निगरानी वाला बोर्ड, स्थायी प्रोफेशनल स्टाफ, स्वतंत्र समीक्षा व्यवस्था, उम्मीदवारों के अधिकारों से जुड़ा चार्टर, बेहतर शिकायत निवारण और ज्यादा पारदर्शिता की जरूरत बताई गई है।



