Tuesday, May 26, 2026
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यूपी के डीजीपी को हर महीने मिलती है इतनी सैलरी! 8वें वेतन आयोग के बाद और बढ़ सकती है कमाई

जब भी पुलिस विभाग की चर्चा होती है तो लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने वाले सबसे बड़े पुलिस अधिकारी को कितनी सैलरी मिलती होगी. उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी का पद बेहद जिम्मेदारी वाला माना जाता है. फिलहाल इस पद की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभाल रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोगों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, पुलिस बल का संचालन और सरकार को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने की जिम्मेदारी डीजीपी पर होती है. भारतीय पुलिस सेवा में यह सबसे वरिष्ठ पदों में शामिल माना जाता है. यही वजह है कि इस पद का वेतन भी उच्च स्तर पर तय किया जाता है.

8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी अधिकारियों की उम्मीदें
इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच काफी चर्चा हो रही है. सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया वेतन आयोग लागू होने के बाद सैलरी और भत्तों में कितना इजाफा होगा. बड़े अधिकारियों की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है.

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत मिलती है सैलरी
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाता है. यह पद एपेक्स स्केल के अंतर्गत आता है, जिसे सरकारी सेवा के सबसे ऊंचे वेतनमानों में गिना जाता है. डीजीपी का मूल वेतन करीब 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह होता है.

महंगाई भत्ता और दूसरी सुविधाओं से बढ़ती है कुल आय
मूल वेतन के अलावा डीजीपी को महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और कई अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं. महंगाई भत्ता जोड़ने पर सैलरी में एक लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जुड़ जाती है.

सरकारी आवास और दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं
अगर किसी अधिकारी को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उन्हें मकान किराया भत्ता भी दिया जाता है. इसके अलावा सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी पद के साथ मिलती हैं.

कुल मासिक आय पहुंच जाती है 4 लाख रुपये तक
वेतन, भत्तों और सरकारी सुविधाओं को मिलाकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी की कुल मासिक आय लगभग 3.5 लाख रुपये से 4 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. यही कारण है कि यह पद भारतीय पुलिस सेवा के सबसे प्रतिष्ठित पदों में गिना जाता है.

8वें वेतन आयोग के बाद और बढ़ सकती है सैलरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की सिफारिशों और मंजूरी के बाद ही होगा.

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यूपी के डीजीपी को हर महीने मिलती है इतनी सैलरी! 8वें वेतन आयोग के बाद और बढ़ सकती है कमाई

जब भी पुलिस विभाग की चर्चा होती है तो लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने वाले सबसे बड़े पुलिस अधिकारी को कितनी सैलरी मिलती होगी. उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी का पद बेहद जिम्मेदारी वाला माना जाता है. फिलहाल इस पद की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण संभाल रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोगों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, पुलिस बल का संचालन और सरकार को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने की जिम्मेदारी डीजीपी पर होती है. भारतीय पुलिस सेवा में यह सबसे वरिष्ठ पदों में शामिल माना जाता है. यही वजह है कि इस पद का वेतन भी उच्च स्तर पर तय किया जाता है.

8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी अधिकारियों की उम्मीदें
इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच काफी चर्चा हो रही है. सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया वेतन आयोग लागू होने के बाद सैलरी और भत्तों में कितना इजाफा होगा. बड़े अधिकारियों की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है.

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत मिलती है सैलरी
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाता है. यह पद एपेक्स स्केल के अंतर्गत आता है, जिसे सरकारी सेवा के सबसे ऊंचे वेतनमानों में गिना जाता है. डीजीपी का मूल वेतन करीब 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह होता है.

महंगाई भत्ता और दूसरी सुविधाओं से बढ़ती है कुल आय
मूल वेतन के अलावा डीजीपी को महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और कई अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं. महंगाई भत्ता जोड़ने पर सैलरी में एक लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जुड़ जाती है.

सरकारी आवास और दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं
अगर किसी अधिकारी को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उन्हें मकान किराया भत्ता भी दिया जाता है. इसके अलावा सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी पद के साथ मिलती हैं.

कुल मासिक आय पहुंच जाती है 4 लाख रुपये तक
वेतन, भत्तों और सरकारी सुविधाओं को मिलाकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी की कुल मासिक आय लगभग 3.5 लाख रुपये से 4 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. यही कारण है कि यह पद भारतीय पुलिस सेवा के सबसे प्रतिष्ठित पदों में गिना जाता है.

8वें वेतन आयोग के बाद और बढ़ सकती है सैलरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की सिफारिशों और मंजूरी के बाद ही होगा.

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