Wednesday, June 10, 2026
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यूपी के 52 प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन! शिक्षा की क्वालिटी जांच करेगी सरकार

By Malay Ojha | Published: 16 May 2026 | 12:34 PM

उत्तर प्रदेश सरकार अब निजी विश्वविद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सख्त नजर आ रही है. राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी 52 निजी विश्वविद्यालयों की जांच के लिए 11 विशेष समितियों का गठन किया है. इन समितियों को विश्वविद्यालयों की पढ़ाई की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.

सरकार की ओर से गठित समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट परिषद को सौंपें. जांच के दौरान दस्तावेजों की जांच के साथ विश्वविद्यालय परिसरों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा. अगर किसी संस्थान में तय मानकों की कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है.

मंडल स्तर पर बनाई गईं जांच समितियां
राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने अलग-अलग मंडलों में जांच के लिए 11 समितियां बनाई हैं. इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित मंडलायुक्त करेंगे. समिति में जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी, राज्य विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और संबंधित राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति को शामिल किया गया है.

इन मंडलों के विश्वविद्यालय होंगे जांच के दायरे में
जांच अभियान के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज और सहारनपुर मंडल के निजी विश्वविद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा. इनमें सबसे अधिक नौ विश्वविद्यालय आगरा मंडल में हैं, जबकि लखनऊ और मुरादाबाद मंडल में छह-छह विश्वविद्यालयों की जांच होगी.

17 अहम बिंदुओं पर होगी पड़ताल
जांच समितियां निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मिली अनुमति, जमीन और भवन की स्थिति, आधारभूत ढांचे, ट्रस्ट या सोसायटी के संचालन और वित्तीय संसाधनों की समीक्षा करेंगी. इसके अलावा शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया, वेतनमान, मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, विदेशी छात्रों के दाखिले, शिकायत निवारण व्यवस्था, शैक्षणिक कैलेंडर और संस्थानों की रैंकिंग समेत कुल 17 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन जांच की जाएगी.

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. जांच में नियमों के उल्लंघन या सुविधाओं की कमी सामने आने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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यूपी के 52 प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन! शिक्षा की क्वालिटी जांच करेगी सरकार

By Malay Ojha | Published: 16 May 2026 | 12:34 PM

उत्तर प्रदेश सरकार अब निजी विश्वविद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सख्त नजर आ रही है. राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी 52 निजी विश्वविद्यालयों की जांच के लिए 11 विशेष समितियों का गठन किया है. इन समितियों को विश्वविद्यालयों की पढ़ाई की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.

सरकार की ओर से गठित समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट परिषद को सौंपें. जांच के दौरान दस्तावेजों की जांच के साथ विश्वविद्यालय परिसरों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा. अगर किसी संस्थान में तय मानकों की कमी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है.

मंडल स्तर पर बनाई गईं जांच समितियां
राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने अलग-अलग मंडलों में जांच के लिए 11 समितियां बनाई हैं. इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित मंडलायुक्त करेंगे. समिति में जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी, राज्य विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और संबंधित राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति को शामिल किया गया है.

इन मंडलों के विश्वविद्यालय होंगे जांच के दायरे में
जांच अभियान के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज और सहारनपुर मंडल के निजी विश्वविद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा. इनमें सबसे अधिक नौ विश्वविद्यालय आगरा मंडल में हैं, जबकि लखनऊ और मुरादाबाद मंडल में छह-छह विश्वविद्यालयों की जांच होगी.

17 अहम बिंदुओं पर होगी पड़ताल
जांच समितियां निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मिली अनुमति, जमीन और भवन की स्थिति, आधारभूत ढांचे, ट्रस्ट या सोसायटी के संचालन और वित्तीय संसाधनों की समीक्षा करेंगी. इसके अलावा शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया, वेतनमान, मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, विदेशी छात्रों के दाखिले, शिकायत निवारण व्यवस्था, शैक्षणिक कैलेंडर और संस्थानों की रैंकिंग समेत कुल 17 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन जांच की जाएगी.

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. जांच में नियमों के उल्लंघन या सुविधाओं की कमी सामने आने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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