Friday, October 23, 2026
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काशी विद्यापीठ में गांधी-शास्त्री जयंती पर सर्व-धर्म प्रार्थना, गीता-कुरान और बाइबल का हुआ पाठ

By tagoreeducationtimes | Published: 02 October 2026 | 06:09 PM

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सर्व-धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। गांधी अध्ययन पीठ में हुए कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सर्व-धर्म समभाव का संदेश दिया गया।

प्रार्थना सभा में गुरुद्वारा कमेटी, लक्सा के रागी बंधुओं ने शबद प्रस्तुत किया। हाफिज मोहम्मद इस्माइल ने कुरान का पाठ किया, जबकि फादर आनंद ने बाइबल का पाठ किया। पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया। अलग-अलग धर्मों की प्रार्थनाओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

गांधी के प्रिय भजनों से गूंजा परिसर
मंचकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में ‘रघुपति राघव राजा राम’ की रामधुन भी गाई गई। भजनों और प्रार्थनाओं के बीच सभा का माहौल शांत और भावपूर्ण रहा।

कुलपति ने बताए गांधी और शास्त्री के विचार
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय और कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय समेत अन्य अतिथियों ने गांधी और शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश और शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का उल्लेख किया।

बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती कुरील ने किया। गांधी अध्ययन पीठ की प्रभारी निदेशक प्रो. भावना वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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काशी विद्यापीठ में गांधी-शास्त्री जयंती पर सर्व-धर्म प्रार्थना, गीता-कुरान और बाइबल का हुआ पाठ

By tagoreeducationtimes | Published: 02 October 2026 | 06:09 PM

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सर्व-धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। गांधी अध्ययन पीठ में हुए कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सर्व-धर्म समभाव का संदेश दिया गया।

प्रार्थना सभा में गुरुद्वारा कमेटी, लक्सा के रागी बंधुओं ने शबद प्रस्तुत किया। हाफिज मोहम्मद इस्माइल ने कुरान का पाठ किया, जबकि फादर आनंद ने बाइबल का पाठ किया। पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया। अलग-अलग धर्मों की प्रार्थनाओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

गांधी के प्रिय भजनों से गूंजा परिसर
मंचकला विभाग के छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में ‘रघुपति राघव राजा राम’ की रामधुन भी गाई गई। भजनों और प्रार्थनाओं के बीच सभा का माहौल शांत और भावपूर्ण रहा।

कुलपति ने बताए गांधी और शास्त्री के विचार
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय और कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय समेत अन्य अतिथियों ने गांधी और शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की। अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश और शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का उल्लेख किया।

बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती कुरील ने किया। गांधी अध्ययन पीठ की प्रभारी निदेशक प्रो. भावना वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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