Thursday, October 22, 2026
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4 बार UPSC में मिली हार, शादी का दबाव भी नहीं रोक पाया सपना; 5वीं कोशिश में प्रिया ने रचा इतिहास

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 | 03:35 PM

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में लगातार असफल होने के बाद कई उम्मीदवार तैयारी छोड़ देते हैं। बिहार के पटना के एक गांव की प्रिया सिंह ने ऐसा नहीं किया। चार बार असफल होने के बावजूद उन्होंने एक और कोशिश की और UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई।

प्रिया की राह सिर्फ परीक्षा की असफलताओं से मुश्किल नहीं हुई। परिवार की तरफ से शादी का दबाव भी बढ़ रहा था। एक समय ऐसा आया जब उन्होंने पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया था। बाद में मां और भाई के समझाने पर उन्होंने अपना फैसला बदला और फिर से UPSC की तैयारी में जुट गईं। ([Navbharat Times][1])

असफलता के बाद बदली पूरी तैयारी
लगातार कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर प्रिया ने अपनी तैयारी को नए तरीके से देखने का फैसला किया। उन्हें लगा कि बहुत ज्यादा किताबें पढ़ने के बजाय सीमित और चुनी हुई सामग्री पर पकड़ मजबूत करना ज्यादा जरूरी है। इसके बाद उन्होंने कई पुरानी किताबें बेच दीं और करीब 25 से 30 जरूरी किताबों पर अपनी तैयारी केंद्रित की।

Sociology और Static Subjects पर फोकस
प्रिया ने अपनी नई रणनीति में Sociology और Static Subjects पर खास ध्यान दिया। उनकी कोशिश थी कि सीमित सामग्री को बार-बार पढ़ा जाए और परीक्षा के हिसाब से तैयारी को ज्यादा केंद्रित रखा जाए। पिछले प्रयासों से मिली सीख को उन्होंने इस बार अपनी तैयारी का आधार बनाया।

पांचवें प्रयास ने बदल दी कहानी
नई रणनीति के साथ प्रिया ने पांचवीं बार UPSC CSE में हिस्सा लिया और इस बार सफलता उनके नाम रही। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 232वीं रैंक हासिल की। इंटरव्यू में उन्हें 194 अंक मिले। तैयारी के दौरान उन्होंने BPSC Prelims भी क्वालिफाई किया था।

गांव से अफसर बनने तक का सफर
प्रिया की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है। असफलताओं के बीच तैयारी जारी रखना, परिवार के दबाव से निकलकर अपने लक्ष्य पर वापस लौटना और फिर पढ़ने का तरीका बदलना उनके सफर का अहम हिस्सा रहा। पांचवीं कोशिश में मिली सफलता ने दिखाया कि असफलता के बाद रणनीति बदलकर दोबारा शुरुआत करना भी कामयाबी की राह बन सकता है।

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4 बार UPSC में मिली हार, शादी का दबाव भी नहीं रोक पाया सपना; 5वीं कोशिश में प्रिया ने रचा इतिहास

By Malay Ojha | Published: 01 October 2026 | 03:35 PM

UPSC जैसी कठिन परीक्षा में लगातार असफल होने के बाद कई उम्मीदवार तैयारी छोड़ देते हैं। बिहार के पटना के एक गांव की प्रिया सिंह ने ऐसा नहीं किया। चार बार असफल होने के बावजूद उन्होंने एक और कोशिश की और UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई।

प्रिया की राह सिर्फ परीक्षा की असफलताओं से मुश्किल नहीं हुई। परिवार की तरफ से शादी का दबाव भी बढ़ रहा था। एक समय ऐसा आया जब उन्होंने पढ़ाई छोड़ने का मन बना लिया था। बाद में मां और भाई के समझाने पर उन्होंने अपना फैसला बदला और फिर से UPSC की तैयारी में जुट गईं। ([Navbharat Times][1])

असफलता के बाद बदली पूरी तैयारी
लगातार कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर प्रिया ने अपनी तैयारी को नए तरीके से देखने का फैसला किया। उन्हें लगा कि बहुत ज्यादा किताबें पढ़ने के बजाय सीमित और चुनी हुई सामग्री पर पकड़ मजबूत करना ज्यादा जरूरी है। इसके बाद उन्होंने कई पुरानी किताबें बेच दीं और करीब 25 से 30 जरूरी किताबों पर अपनी तैयारी केंद्रित की।

Sociology और Static Subjects पर फोकस
प्रिया ने अपनी नई रणनीति में Sociology और Static Subjects पर खास ध्यान दिया। उनकी कोशिश थी कि सीमित सामग्री को बार-बार पढ़ा जाए और परीक्षा के हिसाब से तैयारी को ज्यादा केंद्रित रखा जाए। पिछले प्रयासों से मिली सीख को उन्होंने इस बार अपनी तैयारी का आधार बनाया।

पांचवें प्रयास ने बदल दी कहानी
नई रणनीति के साथ प्रिया ने पांचवीं बार UPSC CSE में हिस्सा लिया और इस बार सफलता उनके नाम रही। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 232वीं रैंक हासिल की। इंटरव्यू में उन्हें 194 अंक मिले। तैयारी के दौरान उन्होंने BPSC Prelims भी क्वालिफाई किया था।

गांव से अफसर बनने तक का सफर
प्रिया की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है। असफलताओं के बीच तैयारी जारी रखना, परिवार के दबाव से निकलकर अपने लक्ष्य पर वापस लौटना और फिर पढ़ने का तरीका बदलना उनके सफर का अहम हिस्सा रहा। पांचवीं कोशिश में मिली सफलता ने दिखाया कि असफलता के बाद रणनीति बदलकर दोबारा शुरुआत करना भी कामयाबी की राह बन सकता है।

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