टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 29 May 2026 | 12:01 AM
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन बोर्ड की ए-लेवल परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद दुनिया भर के छात्रों में हड़कंप मच गया है. फिजिक्स और गणित के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद बोर्ड को बड़ा फैसला लेना पड़ा. इस घटनाक्रम से भारत समेत कई देशों के छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने महीनों तैयारी करने के बाद परीक्षा दी थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीस मई को आयोजित फिजिक्स परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ऑनलाइन शेयर किया गया था. मामला सामने आते ही कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन बोर्ड ने जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में पेपर बड़े स्तर पर लीक होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद बोर्ड ने संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया.
छात्रों के नंबर तय करने के लिए नया तरीका
बोर्ड ने प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रक्रिया लागू करने की बात कही है. अब छात्रों को सिलेबस के बाकी हिस्सों और अन्य परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे. बोर्ड का कहना है कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है.
गणित का पेपर भी हुआ था लीक
फिजिक्स के बाद अब गणित परीक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं. जानकारी के मुताबिक, उनतीस अप्रैल को आयोजित कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एएस लेवल गणित परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पहले ऑनलाइन फैल गया था. बोर्ड ने माना कि प्रश्नपत्र इतने बड़े स्तर पर साझा किया गया कि उसे अंतिम परिणाम के लिए इस्तेमाल करना संभव नहीं था. इसी कारण इस परीक्षा को भी रद्द करना पड़ा.
कंप्यूटर साइंस परीक्षा को लेकर भी बढ़ी चिंता
इससे पहले कंप्यूटर साइंस परीक्षा का एक यूनिट भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल होने की खबर सामने आई थी. लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. कई छात्र अब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं.
छात्रों को पहले ही दी गई थी चेतावनी
बारह मई को बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को फर्जी और लीक प्रश्नपत्रों से सावधान रहने की चेतावनी जारी की थी. बोर्ड ने कहा था कि कुछ लोग परीक्षा के तनाव का फायदा उठाकर सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप और ऑनलाइन पेजों के जरिए छात्रों को गुमराह कर रहे हैं. छात्रों से अपील की गई थी कि ऐसे किसी भी संदिग्ध सामग्री पर भरोसा न करें.



