By Malay Ojha | Published: 14 May 2026 | 04:08 PM
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 61 साल की नरेंद्र कौर ने शानदार सफलता हासिल कर हर किसी को प्रेरित कर दिया है। दो पोतों की दादी नरेंद्र कौर ने 650 में से 500 अंक प्राप्त किए हैं। इस तरह उन्होंने 77 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा पास की। उनकी मेहनत और लगन की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
नरेंद्र कौर ने साबित कर दिया कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती। परिवार और जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपने शिक्षा के सपने को जिंदा रखा। आज उनकी सफलता उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं।
शादी के बाद छूट गई थी पढ़ाई
नरेंद्र कौर ने बताया कि जब उनकी शादी हुई थी, उस समय लड़कियों की पढ़ाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। हालांकि उनके मन में हमेशा पढ़ने की इच्छा बनी रही। शादी के बाद उन्होंने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी, लेकिन पढ़ाई का सपना कभी नहीं छोड़ा।
बेटों और परिवार ने दिया पूरा साथ
नरेंद्र कौर के दो बेटे हैं। एक बेटा अमेरिका में रहता है, जबकि दूसरा कनाडा में रहता है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। परिवार के सहयोग की वजह से ही वह इस उम्र में फिर से पढ़ाई शुरू कर सकीं और 10वीं की परीक्षा दे पाईं।
अब 12वीं और ग्रेजुएशन करने की तैयारी
10वीं परीक्षा में सफलता मिलने के बाद नरेंद्र कौर अब आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह अब 12वीं की परीक्षा देंगी और इसके बाद ग्रेजुएशन भी करना चाहती हैं। उनका मानना है कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती।
गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
नरेंद्र कौर पंजाब के नकोदर क्षेत्र के सरहाली गांव की रहने वाली हैं। वह शहीद भाई तारा सिंह खालसा सीनियर सेकेंडरी ओपन स्कूल की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के इलाके की महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।



