Wednesday, June 10, 2026
spot_img

National

पहले प्रयास में यूपीएससी पास, फिर भी नहीं मानी हार! 97वीं रैंक लाकर बनी आईएफएस अधिकारी अदिति की प्रेरक कहानी

By Malay Ojha | Published: 22 May 2026 | 12:13 PM

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। कुछ अभ्यर्थी इसे पहले ही प्रयास में पास कर लेते हैं, जबकि कई सालों तक मेहनत करते रहते हैं। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर की अदिति छपारिया ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली थी, लेकिन उन्हें मिला पद उनके सपनों के अनुरूप नहीं था। यही वजह बनी उनके दोबारा प्रयास की।

साल 2023 में अपने पहले ही प्रयास में अदिति ने यूपीएससी परीक्षा पास की और उन्हें भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा के लिए चुना गया। लेकिन उनका लक्ष्य कुछ बड़ा था। उन्होंने उस समय रुकने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला लिया और दोबारा तैयारी शुरू की।

दूसरे प्रयास में 97वीं रैंक के साथ शानदार वापसी
साल 2024 में अदिति ने एक बार फिर यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया 97वीं रैंक हासिल की। इस शानदार रैंक के साथ उनका चयन भारतीय विदेश सेवा के लिए हुआ, जो उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं अदिति
अदिति बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होशियार रही हैं। उन्होंने कक्षा 12वीं की परीक्षा में 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था। उनकी शुरुआती शिक्षा गोरखपुर में हुई और आगे की पढ़ाई अजमेर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय से पूरी की।

दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर सिविल सेवा तक का सफर
स्कूली शिक्षा के बाद अदिति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रमुख कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय ले लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।

सफलता का मंत्र: निरंतर मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य
अदिति का मानना है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे लगातार मेहनत, फोकस और सही रणनीति होती है। उनका सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।

International

पहले प्रयास में यूपीएससी पास, फिर भी नहीं मानी हार! 97वीं रैंक लाकर बनी आईएफएस अधिकारी अदिति की प्रेरक कहानी

By Malay Ojha | Published: 22 May 2026 | 12:13 PM

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। कुछ अभ्यर्थी इसे पहले ही प्रयास में पास कर लेते हैं, जबकि कई सालों तक मेहनत करते रहते हैं। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर की अदिति छपारिया ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली थी, लेकिन उन्हें मिला पद उनके सपनों के अनुरूप नहीं था। यही वजह बनी उनके दोबारा प्रयास की।

साल 2023 में अपने पहले ही प्रयास में अदिति ने यूपीएससी परीक्षा पास की और उन्हें भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा के लिए चुना गया। लेकिन उनका लक्ष्य कुछ बड़ा था। उन्होंने उस समय रुकने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला लिया और दोबारा तैयारी शुरू की।

दूसरे प्रयास में 97वीं रैंक के साथ शानदार वापसी
साल 2024 में अदिति ने एक बार फिर यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया 97वीं रैंक हासिल की। इस शानदार रैंक के साथ उनका चयन भारतीय विदेश सेवा के लिए हुआ, जो उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।

बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं अदिति
अदिति बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होशियार रही हैं। उन्होंने कक्षा 12वीं की परीक्षा में 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था। उनकी शुरुआती शिक्षा गोरखपुर में हुई और आगे की पढ़ाई अजमेर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय से पूरी की।

दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर सिविल सेवा तक का सफर
स्कूली शिक्षा के बाद अदिति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रमुख कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय ले लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।

सफलता का मंत्र: निरंतर मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य
अदिति का मानना है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे लगातार मेहनत, फोकस और सही रणनीति होती है। उनका सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES